Sun. Dec 4th, 2022
राहुल गांधी ने किया इशारा, अशोक गहलोत को छोड़ना होगा CM पद,कहा हमने उदयपुर में किया था वादा
Spread the love

Rahul Gandhi ने किया इशारा, अशोक गहलोत को छोड़ना होगा CM पद

Rahul Gandhi केरल में राहुल गांधी ने ‘वन मैन वन पोस्ट‘ का समर्थन करते हुए कहा, हमने उदयपुर में जो वादा किया था, उसे निभाया जाएगा। माना जा रहा है कि इशारा अशोक गहलोत की तरफ है।

कांग्रेस में अध्यक्ष पद के चुनाव और उम्मीदवारी की चर्चाओं के बीच राहुल गांधी ने अशोक गहलोत को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उन्होने इशारा किया है कि अगर अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष बनते हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ेगा। केरल में राहुल गांधी ने ‘वन मैन वन पोस्ट’ का समर्थन करते हुए कहा, हमने उदयपुर में जो वादा किया था, उसे निभाया जाएगा। बता दें कि ऐसा मान जाा रहा है कि अध्यक्ष पद के लिए अशोक गहलोत गांधी  परिवार की पहली पसंद हैं।

NIA:-PFI के ठिकानों पर NIA छापेमारी, टेरर फंडिंग और ट्रेनिंग कैम्प मामले में 100 से अधिक गिरफ्तार

Congress President election, Rahul Gandhi, Sonia Gandhi, Shashi Tharoor, Jairam Ramesh, Ashok Gehlot, National News In Hindi
Rahul Gandhi

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अशोक गहलोत मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ना चाहते हैं। एक दिन पहले ही वह सोनिया गांधी से मिलने दिल्ली पहुंचे थे। उनसे सवाल किया गया था कि अगर वह अध्यक्ष बनते हैं तो क्या मुख्यमंत्री पद छोड़ेंगे और सचिन पायलट को मौका देंगे? इस पर बात को टालते हुए गहलोत ने कहा था कि वह तो सभी पद छोड़ने को तैयार हैं। उन्होंने कहा था कि पद छोड़ना है या नहीं इसका फैसला केवल पार्टी और लोग ही करेंगे।

Congress President election, Rahul Gandhi, Sonia Gandhi, Shashi Tharoor, Jairam Ramesh, Ashok Gehlot, National News In Hindi
Rahul Gandhi

कोंग्रेस अध्यक्ष पद की रेस में कौन-कौन?
शशि थरूर और अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात की है। सोनिया गांधी  के मुताबिक उन्होंने दोनों से ही कहा है कि जो चाहे, व ह चुनाव लड़ सकता है। पार्टी कोई नाम नहीं आगे करेगी। वहीं अशोक गहलोत ने कहा था कि वह चाहते हैं कि राहुल गांधी ही अध्यक्ष बनें। हालांकि राहुल गांधी चुनाव मैदान में उतरेंगे या नहीं यह अब तक सस्पेंस बना हुआ है। उधार दिग्विजय सिंह ने भी चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। उनका कहना है कि आखिर उन्हें इस रेस से बाहर क्यों रखा जा रहा है।

राहुल ने कार्यसमिति का अध्यक्ष बने रहने का प्रस्ताव ठुकराया

2019 लोकसभा चुनाव में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा देने वाले राहुल गांधी ने कार्यसमिति के अध्यक्ष बने रहने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। साथ ही गांधी परिवार के बाहर के व्यक्ति को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की वकालत की थी। हालांकि पार्टी की पिछले कुछ अर्से से गहराई चुनौतियों को देखते हुए नेतृत्व संभालने को लेकर वे रणनीतिक सस्पेंस बनाए हुए थे। लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव का ऐलान होने के बाद पहली बार नागरकोइल में संकेतों के जरिए ही सही मगर इस सस्पेंस की धूल चाहे लगभग साफ कर दी।

पदयात्रा को सही मान रहे राहुल

Congress President election, Rahul Gandhi, Sonia Gandhi, Shashi Tharoor, Jairam Ramesh, Ashok Gehlot, National News In Hindi
Rahul Gandhi

पदयात्रा में शामिल होने को लेकर राहुल ने कहा कि कांग्रेस के वैचारिक आदर्शों और निजी तौर पर भी इसे वे सार्थक मान रहे। भले ही आज की राजनीति में यह फैशन नहीं है। लेकिन उनका चीजों को देखने का अपना एक अलग नजरिया है और उम्मीद है कि इस यात्रा से हमारे खूबसूरत देश के बारे में और कुछ खुद के बारे में समझ बढ़ेगी ओर चार महीने बाद वे थोड़ा और समझदार हो जाएंगे।

विपक्ष को एकसाथ लाने पर चर्चा जारी’

यात्रा विपक्ष को कैसे एकजुट करेगी, इस पर राहुल ने कहा कि बेशक विपक्ष को एक साथ लाने में यह मददगार होगी, लेकिन विपक्षी एकता का मसला एक अलग कवायद है। साथ आना पूरे विपक्ष की जिम्मेदारी है। ऐसा नहीं है कि कांग्रेस ही एकमात्र पार्टी है, इसमें हर पार्टी की भूमिका है और इस पर चर्चा जारी है।

‘दबाव की वजह से भाजपा मे जा रहे लोग’

कांग्रेस में नेताओं के असंतोष और पार्टी छोड़ने के सवाल पर राहुल ने कहा कि इसके लिए भाजपा के पास ज्यादा साधन है ओर वे उनका विरोध करने वालों के खिलाफ दबाव डालते हैं। सीबीआइ, ईडी, इनकम टैक्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। हम राजनीतिक राजनीतिक दलों से लड़ने के आदी हैं। लेकिन अब लड़ाई पार्टियों के बीच नहीं है बल्कि राष्ट्र की संपूर्ण सत्ता और विपक्ष की संरचना के बीच है। यह आसान लड़ाई नहीं है और बहुत से लोग इसमें लड़ना नहीं चाहते ओर इसलिए दबाव में चुपचाप भाजपा का हाथ थाम लेने में ही अपनी भलाई देख रहे हैं।

haryana24news.com

By Nishant