Sun. Dec 4th, 2022
गांव नाथूसरी-चोपटा जिला सिरसा हरियाणा
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गांव नाथूसरी-चोपटा जिला सिरसा हरियाणा के प्रगतिशील किसान ईश्वर कड़वासरा ने सब्जी लगाकर बढ़ाई आमदनी :-
गांव नाथूसरी-चोपटा जिला सिरसा हरियाणा में 8 वर्ष पूर्व 3 एकड़ भूमि पर लगाई सब्जी , लगाते है तरबूज, टमाटर, तरकाकड़ी ,तोरी, हरी मिर्च व स्ट्रॉबेरी ।
 सरकार से खेत में पक्की डिग्गी की मांग ।
नाथूसरी -चोपटा कलां जिला सिरसा हरियाणा के किसान
गांव नाथूसरी-चोपटा जिला सिरसा हरियाणा
 3 से 4 लाख रुपए सालाना कर रहे कमाई ।
ईश्वर कड़वासरा गांव नाथूसरी-चोपटा जिला सिरसा हरियाणानिवासी ने बताया कि पैंतालीसा क्षेत्र में नहरी पानी के कमी , खारा पानी व रेतीली भूमि होने के कारण परंपरागत खेती में केवल अच्छी बारिश होने पर तो अच्छी बचत होती है वरना घाटा ही होता है ।
उन्होंने बताया कि 8 वर्ष पहले परंपरागत खेती में कमाई कम होने के बाद 3 एकड़ भूमि पर सब्जी लगाई । उन्होंने बताया कि कुल 8 एकड़ भूमि में से 5 एकड़ भूमि पर वे परंपरागत खेती करते हैं और 3 एकड़ भूमि पर है सब्जी लगाते हैं ।
ईश्वर कड़वासरा ने बताया कि उन्होंने इस बार 1 एकड़ भूमि पर तरबूज, आधा एकड़ में टमाटर , आधा एकड़ में तोरी , 2 कनाल में हरी मिर्च व एक कनाल में गुलाब के पौधे लगाएं । उन्होंने बताया कि वे सब्जियों में गोबर की जैविक खाद व ऑर्गेनिक दवाइयों का प्रयोग करते हैं ।
उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने खेत में स्ट्रॉबेरी भी लगाई हुई थी लेकिन इस बार कोरोना महामारी के कारण देश में लोक डाउन के कारण उन्हें स्ट्रॉबेरी में घाटा उठाना पड़ा
नाथूसरी -चोपटा कलां जिला सिरसा हरियाणा के किसान
गांव नाथूसरी-चोपटा जिला सिरसा हरियाणा
गांव नाथूसरी-चोपटा जिला सिरसा हरियाणा  में विकसित हो फूलों में सब्जी की मंडी ।
ईश्वर कड़वासरा ने बताया कि वैसे तो वे सब्जियों को खुद ही ऊंट गाड़ी पर बाजार में ले जाकर बेचते हैं फिर भी चौपटा में फूलों में सब्जी की मंडी विकसित होनी चाहिए । मंडी दूर होने के कारण स्ट्रौबरी बेचने में यातायात खर्च ज्यादा होता है ।
जिससे बचत कम होती है अगर चौपटा में ही सब्जी व फलों की मंडी विकसित हो जाए तो यातायात खर्च बढ़ जाएगा जिसे बचत और अधिक होगी ।

किसान के पास जमीन थोड़ी हो और परिवार का पालन पोषण इसी पर निर्भर हो तो परंपरागत किसानी से आमदनी कम होने पर मुश्किल उठानी पड़ती है। उसमें भी सूखा या अकाल पड़ने पर परंपरागत खेती से आमदनी कम हो जाती है और आर्थिक स्थिति बिगड़ जाती है। लेकिन गांव नाथूसरी-चोपटा जिला सिरसा हरियाणा के किसान ईश्वर सिंह कड़वासरा ने हौसला हारने की बजाए टमाटर, तर, तोरी, तरबूज, मिर्च आदि मौसमी सब्जियों की खेती कर कमाई का जरिया खोजा।

नाथूसरी -चोपटा कलां जिला सिरसा हरियाणा के किसान
गांव नाथूसरी-चोपटा जिला सिरसा हरियाणा
मात्र छठी कक्षा तक पढ़े किसान ईश्वर सिंह ने घर की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखने के लिए 8 वर्ष पहले 4 एकड़ भूमि में से दो एकड़ में स्ट्राबेरी, गेंदे व गुलाब के पौधे व मौसमी सब्जियां टमाटर, घीया, तरकाकड़ी, तरबूज, तोरी व टिंडे की सब्जियां लगाकर खेती शुरू कर दी। इससे फूल, स्ट्राबेरी व सब्जियां बेचकर परंपरागत कृषि के साथ अतिरिक्त आमदन शुरू हो गई। इस बार वैश्विक महामारी कोरोना के कारण देश में लॉकडाउन के चलते स्ट्राबेरी से कोई फायदा नहीं हुआ लेकिन तरबूज, टमाटर, तोरी, मिर्च आदि की बिक्री बढ़ने से काफी लाभ हुआ।

सरकार लगाए समय-समय पर सब्जी उत्पादन के लिए प्रशिक्षण शिविर …….

प्रगतिशील किसान ईश्वर कड़वासरा का कहना है कि किसानों को सब्जियां व बागवानी के लिए समय-समय पर प्रशिक्षित किया जाना जरूरी है । जानकारी व प्रशिक्षण के भाव में किसान परंपरागत खेती पर ही संतुष्टि कर लेते हैं । लेकिन सरकार द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर लगाकर किसानों को आधुनिक खेती की तरफ मोड़ा जा सकता है । इसके साथ ही सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के कागजात इत्यादि की जानकारी का सरलीकरण करना चाहिए तथा अनुदान समय पर व जल्दी मिलना चाहिए और सिरसा में फ्रूट प्रोसेसिंग सेंटर विकसित करना चाहिए।

गांव नाथूसरी-चोपटा जिला सिरसा हरियाणा
मो :- 94676-88797

By ansu