Sun. Dec 4th, 2022
बच्चों को मोबाइल से दूर कैसे ओर क्यों रख सकते है जाने
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बच्चों को मोबाइल से दूर कैसे रखें  आजकल फोन हमारे घर ओर बच्चों की जरूरत का अहम हिस्सा हो गया है। आज के के टाइम में देखा जाए तो हम फोन की बगेर  कोई काम नहीं कर सकते हमारा जायद समय फोन पर ही कुछ न कुछ देखते हुए ही बितत्ता  हैं। हम बच्चों की सरारतों से बचने के लिए हम उन्हे फोन दे देते हैं। ये सही बात है की बच्चे, बड़ों से ज्यादा स्मार्ट होते है ओर वो बड़ों से पहले फोन चलाना सीखते है  बाद में धीरे-धीरे बच्चों को फोन की  आदत पड़ जाती है ।

बच्चे मोबाइल फोन ज्यादा क्यों देखते हैं और बच्चों को मोबाइल से दूर कैसे रखें जाने  ?

कुछ जानकारों का मानना है, कि 8-10 महीने का बालक अलग – अलग रंग-बिरंगी आकृतियों को देखकर उनकी ओर ध्यान ज्यादा जाता  है. यही कारण है, कि मोबाइल फोन के प्रति बच्चों का लगाव  बढ़ता चला जाता है. मोबाइल फोन से जो लाइट  निकलती है, और जो उसमें अलग अलग तरीके से चित्र दिखाई देते हैं, वह सभी बच्चों को अपनी तरफ खिचते हैं. मोबाइल फोन से जो आवाजें निकलती है, उनका प्रयोग करने के दौरान बच्चों में उसके बारे में जानने, समझने और उनको छूने के लिए उत्सुकता बढ़ती है. यही कारण है, कि बच्चे मोबाइल फोन देखने और चलाने के लिए उत्तेजित होने लगते हैं.

बच्चों को स्मार्टफोन प्रयोग करने के क्या नुकसान है और बच्चों को मोबाइल से दूर कैसे रखें जाने  ?

बच्चों में मोबाईल  के प्रयोग से कई सारी समस्याएं भी हो सकती हैं. जिनमें से कुछ हम आपको बताने जा रहे हैं.

 

1. बच्चों में नर्वस डिसऑर्डर की समस्या –

बच्चों को मोबाइल से दूर कैसे रखें जाने जैसा कि हम सभी जानते हैं मोबाइल फोन से निकलने वाले रेडिएशन से बच्चों को कई सारे गंभीर स्वास्थ्य विकार होने का खतरा रहता है. जिसमें तंत्रिका से जुड़ी हुई समस्याएं भी शामिल हैं. वैसे तो तंत्रिका विकार में कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, परंतु साधारण तौर पर इसकी वजह से चलने, बोलने, सांस लेने, किसी भी चीज को निगलने और सीखने की क्षमता में कमी हो सकती है, जोकि बच्चों के भविष्य के लिए काफी खतरनाक है.

 

2. बच्चों में फिजियोलॉजिकल एडिक्शन की समस्या –

इस समस्या को आप किसी भी प्रकार की भौतिक वस्तु पर रुझान का होना कह सकते हैं. आसान शब्दों में आप किसी भी वस्तु के प्रति लत लगना कह सकते हैं. कम उम्र के दौरान  बच्चों के हाथ में स्मार्टफोन आ जाने से उनका उससे अत्यधिक लगाव हो जाता है, जिससे उनको इसकी लत लग जाती है. यह आलम हो जाता है, कि उन्हें खाने-पीने और सोने तक का भी ख्याल नहीं रहता है. इसी समस्या को हम फिजियोलॉजिकल एडिक्शन कहते हैं.


3. व्यवहार संबंधित समस्या –

यदि आपके बच्चे बाहर जाकर खेलने के बजाय स्मार्ट फोन में गेम खेलने में बिजी रहते हैं, तो उनको बिहेवियर प्रॉब्लम हो सकती है. यह समस्या उन बच्चों में ज्यादा हो जाती है, जो बच्चे अपने हमउम्र के साथ खेलते हैं. इसीलिए बच्चों को फिजिकली खेलने के लिए उत्साहित करें.

how to keep kids away from mobile
बच्चों को मोबाइल से दूर कैसे रखें


4. पल-पल बच्चों के मूड में बदलाव होना –

आजकल के बच्चों में मूड स्विंग की समस्या आम हो गई है, इस समस्या के होने से वह पल भर में खुश, तो दूसरे ही पल में चिड़चिडे एवं मायूस हो जाते हैं. अत्यधिक स्मार्टफोन के प्रयोग से बच्चों में मूड स्विंग की समस्या होने का खतरा उच्च रूप से रहता है.


5. लर्निंग डिसेबिलिटी की समस्या होना –

अधिक टेक्नोलॉजी के कारण बच्चों में पढ़ाई करने का तरीका बदल गया है. अब के बच्चे गणित के कठिन से कठिन सवाल हल करने के लिए मोबाइल फोन या फिर केलकुलेटर का सहारा लेते हैं, जो हमारी और आपकी तरह रफ पेपर पर गुणा भाग करने से कहीं ज्यादा आसान होता है. यही कारण है कि बच्चों की याददाश्त में कमी आती जा रही है. सिर्फ एक क्लिक के माध्यम से इंटरनेट के जरिए सभी जानकारी हासिल कर लेते हैं. जिससे उनको कुछ भी याद रखने की जरूरत नहीं पड़ती है. यही सबसे बड़ा कारण है कि बच्चे नॉर्मल तरीकों से पढ़ना भूल गए और साधारण सी कैलकुलेशन के लिए भी वह कैलकुलेटर का प्रयोग करने के लिए मजबूर हो जाते हैं. मैनुअली तरीके से पढ़ने का फायदा यह होता है, कि आपका दिमाग तेज होता चला जाता है. जिससे याददाश्त शक्ति में बढ़ोतरी होती है.


6. मोबाइल फोन के प्रयोग से कैंसर का खतरा होना –

बच्चों के स्मार्टफोन प्रयोग करने से होने वाली समस्याओं से संबंधित एक अध्ययन में पाया गया कि स्मार्टफोन से निकलने वाला रेडिएशन कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का कारण भी बन सकता है. साथ ही में ब्रेन ट्यूमर होने का भी खतरा बढ़ जाता है.

बच्चों को मोबाइल से दूर कैसे रखें
बच्चों को मोबाइल से दूर कैसे रखें


7. बच्चों में अनिद्रा की समस्या होना –

बच्चे स्मार्टफोन के जरिए गेम खेलते हैं, कार्टून देखते हैं. नई-नई चीजें देखते हैं, यह सभी वे रात रात भर जाग कर देखते रहते हैं. जिससे बच्चों में स्मार्टफोन के प्रति रूचि बढ़ने लगती है. जिससे उनको सुबह जल्दी उठने में समस्या होने लगती है. इसी आदत की निरंतरता के वजह से बच्चों में अनिद्रा जैसी बीमारी के होने का खतरा अत्यधिक हो जाता है.


8. बच्चों में कम उम्र में ही आंखों में चश्मा लगना –

स्मार्टफोन के प्रति अत्यधिक रूचि होने के कारण बच्चे लंबे लंबे समय तक स्मार्टफोन के स्क्रीन के सामने रहते हैं. जिससे निकलने वाला प्रकाश उनकी आंखों को प्रभावित करता है. जिसके कारण उनको कम उम्र में ही आंखों की समस्या हो जाती है, और बच्चे को जल्द ही चश्मे का प्रयोग करना पड़ जाता है.

9. बच्चों में काल्पनिक दुनिया में रहने की समस्या –

स्मार्टफोन के जरिए सोशल साइट एक कारण है जिसमें बच्चे आपसे नजर बचाकर ज्यादा से ज्यादा समय अपने वर्चुअल दोस्तों के साथ सोशल साइट पर व्यतीत करते हैं. रियल दोस्त बनाना पसंद ही नहीं करते हैं. इसी काल्पनिक दुनिया में वे खोए रहते हैं, और उनको रियल की दुनिया से कोई भी मतलब नहीं रहता है. जिसका प्रभाव उनपर इस तरह पड़ता है कि वह पढ़ाई और बाकी चीजों में पिछड़ने लगते हैं. जो कि बच्चों के भविष्य के लिए बहुत ही खतरनाक सिद्ध हो सकता है.

बच्चों को मोबाइल से दूर केसे रखे ?

 

      बच्चों का ध्यान स्मार्टफोन से कैसे हटाए जाने  ?  बच्चों को मोबाइल से दूर कैसे रखें [How to Get Rid of Mobile Addiction for Child]

  जाने टॉप 10 टिप्स [Know Top 10 Tips]

  1.  बच्चों को मोबाइल से दूर कैसे रखें जाने बच्चों को सबसे ज्यादा मां-बाप के प्यार और देखभाल की जरूरत होती है। ऐसे में जरूरी है कि आप बच्चे के साथ अधिक से अधिक टाइम बिताएं, इससे आपका बच्चा मोबाइल का इस्तेमाल धीरे-धीरे बंद कर देगा।
  2. बच्चों को मोबाइल से दूर कैसे रखें खाली समय में बच्चे की  के अनुसार घरेलू कामों में उसका सहयोग लें, इससे बच्चा आत्मनिर्भर बनेगा और कुछ व्यवहारिक चीजें भी सीखेगा।
  3. बच्चों को मोबाइल से दूर कैसे रखें जाने शौक के हिसाब से बच्चे को पेंटिंग, डांस, म्यूजिक फुटबॉल  व अन्य क्लासेज जॉइन करा सकते हैं।
  4. बच्चों को मोबाइल से दूर कैसे रखें जाने बच्चे को अपने खेत – खलिहान व पार्क  की तरफ आकर्षित करें और उन्हें आउटडोर गेम्स के लिए भी प्रोत्साहित कर सकते हैं।
  5. अपने बच्चे को कोई मुस्किल काम  देते रहें, जिससे उसकी रचनात्मक क्षमता का विकास हो।
  6. बच्चे को मोबाइल की जगह कोई पालतू पशु लाकर दें, जेसे की कुता , बिली खरगोश  इससे बच्चे आपस में बातचीत करना और इमोशंस को जाहिर करना सीख सकते हैं।
  7. बच्चों को मोबाइल से दूर कैसे रखें जाने अगर आपका बच्चा बहुत ज्यादा जिद करता है  और आसानी से नहीं मान रहा, तो आप एक ऐप की मदद से भी उसकी मोबाइल की लत छुड़ा सकते हैं।  गूगल प्ले स्टोर पर मिल जाएगी  Cracked Screen Pranked  नाम का ऐप डाउनलोड करें। इस ऐप में स्क्रीन क्रैक्ड की टाइमिंग सेट कर दें। इससे आपके मोबाइल की स्क्रीन क्रैक्ड नजर आएगी और बच्चा उसे छोड़ देगा।
  8. इसके अलावा आप भी बच्चों के सामने ज्यादा मोबाइल यूज न करें। दरअसल बच्चे जब देखते हैं कि अधिकतर समय माँ -बाप को मोबाईल पर लगे रहते है , तो उन्हें लगता है कि शायद मोबाइल मनोरंजन का सबसे बड़ा साधन है, इसलिए वह भी मोबाइल में खोने लगते हैं।
  9. समय रखें निर्धारित- बच्चों को पूरी तरह टेक्नोलॉजी से दूर भी न रखे  पर उनके लिए फोन या ऐसी अन्य चीज़ को इस्तेमाल करने का समय निर्धारित होना चाहिए।
  10. बच्चों को मोबाइल से दूर कैसे रखें जाने फोन में न रखें गेम्स- बच्चों को फोन इस्तेमाल करने में ज़्यादा मज़ा इसलिए आता है क्योंकि उसमें उन्हें नई-नई गेम्स खेलने को मिल जाती है। बच्चों को फोन से दूर रखने के लिए ज़रूरी है की फोन में गेम्स न रखी जाएँ।

बच्चों के लिए स्मार्टफोन के कुछ फायदे

वेसे देखा जाए तो मोबाईल  का प्रयोग बच्चों के लिए जरूरी भी हो जाता है. जिससे उनकी सुरक्षा एवं सीखने समझने और पढ़ाई के क्षेत्र में भी सहायता हो जाती है. आइए जानते हैं, स्मार्टफोन प्रयोग करने के कुछ फायदे.


1. अपनी या घर की कोई भी जरूरत में किसी से भी बात कर सकते हैं –

स्मार्टफोन के जरिए आप किसी भी समय, कहीं भी, किसी से भी आसानी से फोन  करके बात कर सकते हैं, और मदद मांग सकते हैं. यहां तक कि अगर आप किसी भी बड़ी मुसीबत में है, तो आप अपने जानकार  को इसकी खबर भी दे सकते हैं. खुद को सुरक्षित रख सकते हैं.


2. अपना डाटा भी  सुरक्षित रख सकते हैं –

पहले के समय में किसी भी प्रकार के डाटा को कहीं भी ले जाने में बहुत दिकतों का सामान्य करना पड़ता था . लेकिन फोन  के अंदर ही आप अपने किसी भी प्रकार के डाटा को सुरक्षित रख सकते हैं, और आसानी से कहीं पर भी ले जा सकते हैं. बच्चे अपने पढ़ाई से संबंधित किसी भी प्रकार के डाटा को सुरक्षित करके उनका इस्तेमाल कभी भी, कहीं भी कर सकते हैं.


3. सुरक्षा के नाते और सबूत जुटाने के लिए भी फायदेमंद  –

यदि आप अपने बच्चे को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो कहीं पर भी जाने से पहले अपने बच्चे को स्मार्टफोन के अंदर  जीपीएस का ऑप्शन होता है वह  ऑन कर दे  जिससे आप बच्चे की लोकेशन को भी  ट्रैक कर सकते हैं, और उसे सुरक्षित रख सकते हैं. अगर आपका बच्चा कोई परेसानी मे हो तो  बच्चा अपने स्मार्टफोन के कैमरे के जरिए दुर्घटना का सबूत इकट्ठा कर सकता है, और अपने को स्वयं सुरक्षित रख सकता है.


4. पढ़ाई के लिए भी  इसका प्रयोग कर सकते है  –

स्मार्टफोन के जरिए  बच्चा अपनी बड़ी से बड़ी बुक को सेव करके रख सकता है, और जरूरत पड़ने पर उसे कहीं भी देख सकता है. बच्चा अपने अनुसार कई सारी  बुक को डाउनलोड करके उसे किसी भी समय  और कही  पर पढ़ सकता है ऑनलाइन डाउनलोड की गई बुक को इबुक कहते हैं. जिसका प्रयोग कहीं भी आसानी से स्मार्टफोन के जरिए पढ़ने के लिए किया जा सकता है.


5. घर बैठे दुनिया भर की किसी भी  चीजों को जानने और समझने की आजादी –

स्मार्टफोन के जरिए बच्चा किसी भी प्रकार की जानकारी चाहे वह जिस भी भाषा में चाहे उसे देख सकता है. इसके लिए उसे कही  बाहर जाने की जरूरत  नहीं है. अपने घर बैठे ही सभी प्रकार की जानकारी हासिल कर सकता है. जिससे बच्चे का समय भी बचेगा. किसी भी प्रकार की जानकारी घर बैठे हासिल करने के लिए स्मार्टफोन और इंटरनेट का होना आवश्यक है.

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By ansu